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2021 चैत्र नवरात्री दुर्गा पूजा से लाभ और लेख

2021 चैत्र नवरात्री दुर्गा पूजा से लाभ और लेख


Chaitra Navratri Durga Puja benefits and articles

हिन्दू धर्म के लोग इस्वर की भिन्न - भिन्न शक्तियों की पूजा करते है . चैत्र दुर्गा पूजा इस्वर की शक्ति की पूजा है . यह एक बड़ा त्यौहार है . यह भारत के हर कोने में मनाया जाता है .शकूल , कॉलेज तथा दफ्तर इस अवसर पर बंद हो जाते है .

2021 Chaitra Navratri Durga Puja benefits and articles


2021 चैत्र नवरात्री दुर्गा पूजा मानाने का कारण :-

लोग कहते है की जब राम लंका के राजा रावण से युद्ध करने के लिए जा रहे थे तब उन्होंने दुर्गा की पूजा रास्ते में की थी . उन्होंने रावण पर विजय पाने की शक्ति की प्राप्ति के लिए यह पूजा की थी .मान्यता है कि रावण से युद्ध से पहले भगवान श्रीराम ने माता शक्ति की पूजा रखवाई थी। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीराम ने रावण के साथ युद्ध पर जाने से पूर्व अपनी विजय की मनोकामना मानते हुए मां के आशीर्वाद लेने के लिए विशाल पूजा का आयोजन करवाया था। कहा जाता है कि राम देवी के आर्शीवाद के लिए इतना इतंजार नहीं करना चाहते थे और तब से ही प्रतिवर्ष दो बार नवरात्रि का आयोजन होता है। जहां शारदीय नवरात्र में यह सत्य की असत्य पर व धर्म की अधर्म पर जीत का स्वरूप माना जाता है। वहीं चैत्रीय नवरात्र में में इसे भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव या रामनवमी के नाम से जानते हैं।

2021 चैत्र नवरात्री दुर्गा पूजा मानाने का दिन :-

यह दुर्गा पूजा चैत्र मास के शुरुआत में मनाया जाता है . 2021 में चैत्र दुर्गा पूजा 13 अप्रैल 2021 से आरम्भ होकर 21 अप्रैल 2021 तक मनायी जायेगी . 13 अप्रेल 2020 को अंतिम दिन की पूजा होगी जिसे विजयादशमी के नाम से जाना जाता है . यह पूजा 10 दिन तक होती है . पहला दिन कलश स्थापना का दिन कहलाता है . ब्राह्मण शुद्ध मंत्र का जाप करते है . एक मिटटी का दीपक सर्वदा देवी के समीप जलता रहता है . लोग जाते है और देवी की पूजा खास - खास दिनों में करते है . स्त्रियां काफी मात्रा में जाती है .

2021 चैत्र नवरात्री दुर्गा पूजा मानाने का विधि :-

चैत्र नवरात्रि में नौ दिन तक हर रोज साधक दुर्गे मां की पूजा एवं 251 बार बीज मंत्र ऊँ दुं दुर्गाय नम: के साथ मां दुर्गा की पूजा करें। पूजा स्थल पर दीप जलाएं। रोगों से मुक्ति मिलेगी। पूजन स्थल पर लाल कपड़ा बिछाकर गंगाजल का छिड़काव करें। अब मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें चुनरी, वस्त्र, आभूषण से सजाएं। केसर चंदन, रोली, चावल अर्पित करें और पुष्प माला धारण कराएं। साथ ही नीचे दिए गए मंत्र का जाप प्रतिदिन सुबह दोपहर और शाम के समय पूर्ण विश्वास से करें निश्चित सफलता, मनोकामनाएं पूर्ण और सुख समृद्धि आएगी।

।। जय मां दुर्गा जय मां शारदे जय मां भवानी जय मां लक्ष्मी जय मां शारदे जय शेरोंवाली जय मां अंबे ।। जय श्री राम जय श्री कृष्ण ।। जय श्री विष्णु जय श्री भोलेनाथ जय श्री ब्रह्मदेव ।। जय श्री हनुमान ।।

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