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Mercy Is The Root Of Religion दया धर्म का मूल होता है

Mercy Is The Root Of Religion Moral Story

Inspiring Stories Inspirational Stories Motivational Story 04 दया धर्म का मूल होता है



Mercy Is The Root Of Religion Moral Story

मेरे प्यारे दोस्तों आजके इस मोटिवेशनल स्टोरी को पढ़ कर आप बहुत खुश और उत्साहित होंगे। आज का यह कहानी दया भावना पर आधारित है। आप सब अंत तक पूरा पढ़ने की कृपा करे।


बहुत दिन पहले की बात है किसी राज्य में एक राजा रहता था। वह बहुत दयालु, लोकप्रिय और अच्छे भावना के व्यक्ति थे। उसके राज्य में सभी जनता बहुत खुशहाली पूर्वक रहते थे। उसके राज्य में सभी कुछ बहुत अच्छी पूर्वक चल रहा था। राजा बहुत बूढ़ा हो चुके थे। अब राज्य में एक नए राजा की सख्त आवश्कता थी।

एक दिन राजा ने राज्य के सभी मंत्रीओ एवं राजदरवारिओ को बुलाकर घोसना करवाया की कल इस राज्य का एक नया राजा आपके सामने होगा। राजा ने कहा की अब मुझे बुढ़ापा के कारन इस राज्य का कार्य भर संभालता नहीं।


राजा के 100 पुत्र था। सभी राजा बनने के योग्य थे। राजा बड़ी मुश्किल में था की राजा किसे बनाया जाय? उसे एक तरकिब सुझा। उसने अपने पुत्रो को भोजन खाने के लिए बुलाया। सभी के सामने एक एक थाली में राज भोग परोसवाया गया। लेकिन राजा ने उसके पहले वह एक भूखा गाय को बंधवा दिया था। सभी पुत्रो को खाने का आदेश दे कर वह से चला गया।


सभी राजकुमारों ने खाना आरम्भ कर दिया। लेकिन उस में से एक की नजर उस भूके गाय पर गया। वह उस गाय के नजदीक जाकर जानने का कोशिश किया की क्या गाय भूखा है या चारा खा चूका है। उसे पता चला की वह गाय भुकी है। उसने अपने हिस्से के भोजन उस गाय को दे दिया और अपना भूका रह गया।


अगले दिन सही राजदरवार में एकत्रित हुए। वह उस राज्य के प्रमुख जनता एवं आम जनता भी थे। सभी राजकुमारों से भोजन के बारे में एक एक करके पूछा गया। उसमे से एक को छोर सभी कहा की मैंने कल का स्वादिस्ट भोजन बड़े स्वाद से खाया था। जिसने नहीं खाया था उसने कहा की मुझे वह बंधा गाय पर दया आ गया था। इसीलिए मैंने वह भोजन गाय को दे दिया। इस त्याग को देख कर वहा के सभी व्यक्ति तालिओं के गड गढ़ हटो से उसका बहुत धन्यवाद और स्वागत किया। अब उस राजा को राज्य का नया राजा मिल चूका था।


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। श्रीकृष्णः शरणं मम ।

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